Monday, March 8, 2010

समीक्षा

मुद्रा बाजार में वित्तीय संस्थान और मनी या क्रेडिट डीलर शामिल हैं जो या तो उधार लेने अथवा उधार देने का कार्य करते हैं. प्रतिभागी अल्प अवधि के लिए उधार लेते या देते हैं जो आमतौर पर तेरह महीने तक का होता है. अल्पकालिक वित्तीय साधनों के मुद्रा बाज़ार व्यापार को सामान्यतः "पेपर" कहा जाता है. यह अपेक्षाकृत लम्बी अवधि के कैपिटल पूंजी बाजार के विपरीत है जहाँ बांडों और शेयरों द्वारा आपूर्ति होती है.
मुद्रा बाजार के मूल में बैंक होते हैं जो
वाणिज्यिक पत्र, दोबारा खरीदे जा सकने वाले एग्रीमेंट और इसी प्रकार के साधनों का प्रयोग करके एक दूसरे को उधार लेते और देते हैं. ये साधन अक्सर उपयुक्त शर्तों और मुद्रा के लिए (अर्थात् जिस संदर्भ द्वारा कीमत तय होती है) लंदन इंटरबैंक द्वारा प्रस्तुत दर (LIBOR) द्वारा निर्धारित होते हैं.
वित्त कम्पनियां जैसे कि
GMAC आमतौर पर बड़ी मात्रा में अपनी परिसंपत्ति के वाणिज्यिक पत्र (ABCP) जारी कर के धन एकत्र करती हैं जो कि ABCP माध्यम में योग्य परिसंपत्ति पात्रों की प्रतिज्ञा के द्वारा सुरक्षित है. योग्य पात्रों के उदाहरण में ऑटो ऋण, क्रेडिट कार्ड प्राप्तियाँ, आवासीय/व्यावसायिक वित्त ऋण, वित्त प्रतिभूतियाँ और इसी तरह वित्तीय पात्र शामिल हैं. मजबूत क्रेडिट रेटिंग के साथ कुछ बड़े निगमों जैसे कि जनरल इलेक्ट्रिक, अपने क्रेडिट पर वाणिज्यिक पत्र ज़ारी करते हैं. अन्य बड़ी कंपनियाँ वाणिज्यिक पत्र लाइनों के जरिए अपनी तरफ से बैंकों द्वारा वाणिज्यिक पत्र जारी करती हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका में, संघीय, राज्य और स्थानीय सरकारें धन की जरूरत को पूरा करने के लिए पेपर ज़ारी करती हैं. राज्य और स्थानीय सरकारें
नगर निगम पत्र ज़ारी करती हैं जबकि यू.एस. ट्रेजरी अमरीकी सार्वजनिक ऋणों को धन देने के लिए ट्रेजरी बिल ज़ारी करती है.
व्यापार कंपनियाँ अक्सर
बैंकरों की स्वीकृतियों की खरीद विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान के लिए करती हैं.
खुदरा और संस्थागत मुद्रा बाजार धन
बैंक
सेंट्रल बैंक
नकद प्रबंधन प्रोग्राम
अनियमित ABCP माध्यम, जो उच्च लाभ वाले पेपर खरीदने की तलाश करते हुए खुद सस्ता पेपर बेचते हैं.
मर्चेंट बैंक

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